Wednesday, July 27, 2016

संतनि में संत षिरोमणी संत प्यारा, धन धन साईंजनि प्यारा

मुखड़ोः-- संतनि में संत षिरोमणी संत प्यारा, धन धन साईंजनि प्यारा

1    जहिं धरती ते चरण छुहायाऊं, महिर संदी बरखा बरसायाऊं
वचननि जा चिमकारा--धन धन

2    नाम सच्चे जी परख करायाऊं, हे हे वरताऊंॅ वाह वाह सेखारियाऊं
बा्ेली जय जय कारा--धन धन

3    सतगुरु दर तां दिल ऐं जान, हिक हिक बूंद कयाऊं कुर्बान
कुर्बानीअ जा सितारा---धन धन

4    सतगुर नाम जो डंको वजयाऊं, विछड़यल रूह अनेक मिलायाऊं
जिनजो अंत न पारा--धन धन

5    सिंध हिंद छा पर देष विदेष, पहुंचायाऊं आनन्द सन्देष
आनन्द जा त भंण्डारा--धन धन

6    दुनिया नाउं अव्हांजो खणंदी, जैसीं गंगा जमुना वहंदी
जैसीं सिजु चंडु तारा--धन धन

7    सतगुरु देव बि कोठियो थे जिन, श्रीमानजी संत षिरोमणी
पाताऊं एद्ी पदवी खास, तद्हिं पाण सदयाऊं दासु
दास जा सच्चा अबाणा--धन धन

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